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Some Do’s and Dont’s for Diwali & kartik Maas 2012

Some Do’s and Dont’s for Diwali & kartik Maas 2012

diwali festival of lightDiwali & kartik Maas Tips

Diwali :- 13th Nov’ 2012
Kartik Mas:- 30th Oct to 28th Nov’ 2012

 श्री सतगुरु देवाय नमः

 

दिवाली के समय बताई गयी कुछ बातें –

१. कार्तिक मास में यह बातें करनी चाहिए (बहुत लाभ होता है) -कार्तिक मास भगवान् विष्णु जी को प्रिय है ।इस मास भगवान के निमित कुछ भी पुण्य  कर्म किया जाता है ,उसका नाश नहीं होता ।

गोविन्द गोविन्द  हरे मुरारे ,गोविन्द गोविन्द मुकुन्द कृष्ण ।

  गोविन्द गोविन्द रथांगपाणे ,गोविन्द दमोदर माधवेति ।।

        का जप सम्पूर्ण कार्तिक मास करेकार्तिकपूर्णिमा (Kartik Purnima) केदिनगंगास्नान, दीपदान,हवन,यज्ञकरनेसेसांसारिकपापऔरतापकाशमनहोताहै. अन्न, धनएववस्त्रदानकाबहुतमहत्वबतायागयाहैइसदिनजोभीआपदानकरतेहैंउसकाआपकोकईगुणालाभमिलताहै. मान्यतायहभीहैकिआपजोकुछआजदानकरतेहैंवहआपकेलिएस्वर्गमेंसरक्षितरहताहैजोमृत्युलोकत्यागनेकेबादस्वर्गमेंआपकोप्राप्तहोताहै.

अ) तुलसीजी की मिट्टी का तिलक,
बी) गंगाजी का स्नान, अथवा तो प्रभात का स्नान (सूर्योदय के पूर्व ),
क) ब्रह्मचर्य का पालन,
डी) धरती पर शयन…

२. पूजा के स्थान पर मोर-पंख रखने से लक्ष्मी-प्राप्ति में मदद मिलती है…

३. तुलसी के पौधे के आगे शाम को दिया जलाने से लक्ष्मी वृध्ही में मदद मिलती है; लक्ष्मीजी को कभी तुलसीजी नहीं चढाई जाती, उनको कमल चढाया जाता है |

४. दीपावली के दिन लौंग और इलाइची को जलाकर राख कर दें; उस से फिर भगवान् को तिलक करें; लक्ष्मी-प्राप्ति में मदद मिलती है, बरकत होती है |

५. दीपावली की संध्या को तुलसी जी के निकट दिया जलायें, लक्ष्मीजी को प्रसन्न करने में मदद मिलती है; कार्तिक मास में तुलसीजी के आगे दिया जलाना पुण्य-दाई है, और प्रातः-काल के स्नान की भी बड़ी भारी महिमा है |

६.दिवाली के शुभ एवम सिद्ध समय में दिव्य यंत्र एवम सामग्री पूजा कर स्थापित की जाये तो सम्पूर्ण बाधाए समाप्त हो जाती है ।

७. दीपावली की रात का जप हज़ार गुना फल-दाई होता है; ४ महा-रात्रियाँ हैं – दिवाली, शिवरात्रि, होली, जन्माष्टमी – यह सिध्ध रात्रियाँ हैं, इन रात्रियों का अधिक से अधिक जप कर के लाभ लेना चाहिए |

८. दीपावली के बाद आने वाली देव-जगी एकादशी के दिन , संध्या के समय कपूर आरती करने से आजीवन अकाल-मृत्यु से रक्षा होती है; एक्सीडेंट, आदि उत्पातों से रक्षा होती है |

९. दीपावली के अगले दिन , नूतन वर्ष होता है ; उस दिन, सुबह उठ कर थोडी देर चुप बैठ जाएँ; फिर, अपने दोनों हाथों को देख कर यह प्रार्थना करें:

कराग्रे वसते लक्ष्मी, कर-मध्ये च सरस्वती,
कर-मूले तू गोविन्दः, प्रभाते कर दर्शनं ||

अर्थात –
मेरे हाथों के मध्य भाग मेरे हाथों के अग्र भाग में लक्ष्मी जी का वास है, मेरे हाथों के मध्य भाग में सरस्वती जी हैं; मेरे हाथों के मूल में गोविन्द हैं, इस भाव से अपने दोनों हाथों के दर्शन करता हूँ…

फिर, जो नथुना चलता हो, वही पैर धरती पर पहले रखें; दाँया चलता हो, तो ३ कदम आगे बाधाएं, दांए पैर से ही; बाँया चलता हो, तो ४ कदम आगे बढायें, बाँए पैर से ही;

१०.श्री यंत्र .छतीसा यंत्र ,कुबेर यंत्र अपने घर में इशान कोण में स्थापित करने से ,फिर साल भरनित्य  उसकी पूजा करने से श्री लक्ष्मी जी की प्राप्ति होती है।

 ११.छोटी .दीपावली के दिन गजराज को गन्ने या कोई मीठी वस्तु खिलाये धन लाभ होगा ।
१२.दिवाली के दिन सबसे पहले 9किलो गेहूं दान करे फिर कोई अन्य कार्य करे व्यापार में वृद्धि होगी ।
१३. दीपावली को लक्ष्मी जी को कमल गट्टे की माला और कमल के पुष्पअर्पित करे ।

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