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चंद्र ग्रहण 31जनवरी 2018

चंद्र ग्रहण 31जनवरी 2018

खग्रास चन्द्रग्रहण – 31 जनवरी 2018 (भूभाग में ग्रहण समय – शाम 5.17 से रात्रि 8.42 तक)

माघ शुक्ल पक्ष पूर्णिमा (31जनवरी 2018 )इस दिन पूर्ण चंद्र ग्रहण लगेगा। 176 वर्ष बाद यह ग्रहण माघ पूर्णिमा के अवसर पर लग रहा है। चंद्र ग्रहण का स्पर्श काल सायंकाल 05:18 बजे, मध्यम शाम 7:00 बजे और मोक्ष काल रात्रि 08:42 मिनट पर होगा। ग्रहण का सूतक सुबह 08:34 मिनट पर लग जाएगा। यह ग्रहण पूरे भारत में दिखेगा ।इस चंद्र ग्रहण का स्पर्श पुष्य नक्षत्र में होगा और समाप्ति श्लेषा नक्षत्र में होगी।कर्क राशि पर इस ग्रहण का प्रभाव कुछ ज्यादा ही पड़ेगा।

चन्द्रग्रहण के समय संयम रखकर जप-ध्यान करने से कई गुना फल होता है।

देवी भागवत में आता हैः सूर्यग्रहण या चन्द्रग्रहण के समय भोजन करने वाला मनुष्य जितने अन्न के दाने खाता है, उतने वर्षों तक अरुतुन्द नामक नरक में वास करता है। फिर वह उदर रोग से पीड़ित मनुष्य होता है फिर गुल्मरोगी, काना और दंतहीन होता है। अतः सूर्यग्रहण में ग्रहण से चार प्रहर (12 घंटे) पूर्व और चन्द्र ग्रहण में तीन प्रहर ( 9 घंटे) पूर्व भोजन नहीं करना चाहिए। बूढ़े, बालकक और रोगी डेढ़ प्रहर (साढ़े चार घंटे) पूर्व तक खा सकते हैं। ग्रहण पूरा होने पर सूर्य या चन्द्र, जिसका ग्रहण हो, उसका शुद्ध बिम्ब देखकर भोजन करना चाहिए। यह चंद्र ग्रहण पुष्य+आश्लेशा नक्षत्र एवं कर्क राशि पर चरितार्थ रहेगा,अत इन नक्षत्र राशि वालों को ग्रहण दर्शन नही करना चहिये, वृष,कन्या,तुला कुम्भ राशि हेतु दर्शन करना शुभ सुखद

मेष कर्क, सिंह धनु राशि हेतु अशुभ दर्शन करना योग्य नही।

मिथुन वृश्चिक,मीन मकर राशि हेतु सामान्य मध्यम फलतः।

पूरे भारत में दिखेगा, नियम पालनीय ।यह चंद्र ग्रहण भारत वर्ष के अलावा अफगानिस्तान,पाकिस्तान,चीन ,नेपाल,बांग्लादेश,श्री लंका,कोरिया ,रूस,सम्भाग आदी मैं भी दृश्य प्रतीक होगा।

विशेष_ सूतक के समय और ग्रहण का समय भगवान की मूर्ति का स्पर्श नहीं करना चाहिए।सूतक और ग्रहण के समय भगवान के नाम का जप और दान करना चाहिए। वहीं पवित्र नदी में स्नान और हवन व दान का इस समय विशेष महत्व है। पूर्णिमा (31 जनवरी 2018 बुधवार ) को सूर्योदय से पूर्व स्नान ,विष्णु सहस्रनाम और श्रीमद भागवत गीता का पाठ विशेषतः करें और लाभ लें।

ग्रहण वेध के पहले जिन पदार्थों में कुश या तुलसी की पत्तियाँ डाल दी जाती हैं, वे पदार्थ दूषित नहीं होते। जबकि पके हुए अन्न का त्याग करके उसे गाय, कुत्ते को डालकर नया भोजन बनाना चाहिए।

ग्रहण के स्पर्श के समय स्नान, मध्य के समय होम, देव-पूजन और श्राद्ध तथा अंत में सचैल(वस्त्रसहित) स्नान करना चाहिए। स्त्रियाँ सिर धोये बिना भी स्नान कर सकती हैं।

ग्रहणकाल में स्पर्श किये हुए वस्त्र आदि की शुद्धि हेतु बाद में उसे धो देना चाहिए तथा स्वयं भी वस्त्रसहित स्नान करना चाहिए।

ग्रहण के समय गायों को घास, पक्षियों को अन्न, जररूतमंदों को वस्त्र और उनकी आवश्यक वस्तु दान करने से अनेक गुना पुण्य प्राप्त होता है। ग्रहण के समय कोई भी शुभ या नया कार्य शुरू नहीं करना चाहिए।

ग्रहण के समय सोने से रोगी, लघुशंका करने से दरिद्र, मल त्यागने से कीड़ा, स्त्री प्रसंग करने से सूअर और उबटन लगाने से व्यक्ति कोढ़ी होता है। गर्भवती महिला को ग्रहण के समय विशेष सावधान रहना चाहिए।

भगवान वेदव्यास जी ने परम हितकारी वचन कहे हैं- सामान्य दिन से चन्द्रग्रहण में किया गया पुण्यकर्म (जप, ध्यान, दान आदि) एक लाख गुना और सूर्य ग्रहण में दस लाख गुना फलदायी होता है। यदि गंगा जल पास में हो तो चन्द्रग्रहण में एक करोड़ गुना और सूर्यग्रहण में दस करोड़ गुना फलदायी होता है।

ग्रहण के समय गुरुमंत्र, इष्टमंत्र अथवा भगवन्नाम जप अवश्य करें, न करने से मंत्र को मलिनता प्राप्त होती है। चीटियों को पिसा हुआ चावल व आटा डालें। मोती, चांदी, चावल, मिश्री, सफेद कपड़ा,

सफेद फूल, शंख, कपूर, श्वेत चंदन, पलाश की लकड़ी, दूध, दही, चावल, घी, चीनी आदि का दान करें।

इस चंद्र ग्रहण का हर राशि पर अलग प्रभाव होगा। उनसे जानें राशियों पर होने वाले चंद्र ग्रहण के प्रभाव के बारे में और साथ ही ये भी कि राशि के हिसाब से क्या दान करना चाहिए –

1. मेष- शारीरिक कष्ट। गर्भवती महिलाओं को ग्रहण के समय ख़ास ख़याल रखने की ज़रूरत है। कामकाज में आ रहे बदलावों के कारण आपको लाभ मिलेगा। आप चाहें तो परेशानियों को मुस्कुराकर दरकिनार कर सकते हैं या उनमें फँसकर परेशान हो सकते हैं। धन का व्यय। मंगल से संबंधित दृव्यों गुड़ और मसूर की दाल का दान करें।

2. वृष- परिवार की शांति अचानक आयी समस्याओं की वजह से भंग हो सकती है। धन का व्यय। मानसिक चिंता। प्यार के सकारात्मक संकेत आपको मिलेंगे। श्री सूक्त का पाठ करें और मंदिर में अन्न दान करें।

3. मिथुन- व्यक्तिगत मार्गदर्शन आपके रिश्ते में सुधार लाएगा। ख़ुद को अभिव्यक्त करने के लिए अच्छा समय है- और ऐसे प्रोजेक्ट पर काम कीजिए, जो रचनात्मक हों। रोग में वृद्धि। धन का व्यय। गो माता को पालक खिलाएं।

4. कर्क- छुपे हुए दुश्मन आपके बारे में अफ़वाहें फैलाने के लिए अधीर होंगे। वैवाहिक जीवन में सब कुछ अच्छा महसूस होगा। शारीरिक और मानसिक कष्ट। व्यय की अधिकता। शिव उपासना करें। चंद्रमा के बीज मंत्र का जप करें।

5. सिंह- आप अपनी भावनाओं पर क़ाबू रखने में दिक़्क़त महसूस करेंगे । प्रोपर्टी से जुड़े लेन-देन पूरे होंगे और लाभ पहुँचाएंगे। आपके परिवार वाले किसी छोटी-सी बात को लेकर राई का पहाड़ बना सकते हैं। अपने प्रिय के लिए बदले की भावना से कुछ हासिल नहीं होगा- बजाय इसके आपको दिमाग़ शांत रखना चाहिए । आज आपका जीवनसाथी आपकी सेहत के प्रति असंवेदनशील हो सकता है।धन का व्यय। गायत्री मंत्र का जप करें। धार्मिक पुस्तक का दान करें।

6. कन्या- सहकर्मियों और वरिष्ठों के पूरे सहयोग के चलते दफ़्तर में काम तेज़ रफ़्तार पकड़ लेगा। आप नए विचारों से परिपूर्ण रहेंगे और आप जिन कामों को करने के लिए चुनेंगे, वे आपको उम्मीद से ज़्यादा फ़ायदा देंगे।धन का आगमन लेकिन व्यय भी होगा। स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहें। गाय को पालक खिलाएं।

7. तुला- आप पाएंगे कि आप दूसरों के लिए ज़्यादा और ख़ुद के लिए कम कर पा रहें है। मानसिक चिंता, धन की प्राप्ति, व्यय की अधिकता। श्री सूक्त का पाठ करें। अन्न का दान करें।

8. वृश्चिक- अपने मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान दें, जो आध्यात्मिक जीवन के लिए आवश्यक है। मस्तिष्क जीवन का द्वार है, क्योंकि अच्छा-बुरा सब-कुछ इसी के माध्यम से आता है। यही ज़िंदगी की समस्याएँ दूर करने में सहायक सिद्ध होता है और सही सोच से इंसान को आलोकित करता है। भागीदारी वाले व्यवसायों और चालाकी भरी आर्थिक योजनाओं में निवेश न करें। जीवनसाथी के किसी अचानक काम की वजह से आपकी योजनाएँ बिगड़ सकती हैं। श्री बजरंग बाण का पाठ करें।

9. धनु- आर्थिक सफलता। पैसे कमाने के नए मौक़े मुनाफ़ा देंगे। घर वालों के साथ मिलकर कुछ अलग और रोमांचक किया जाना चाहिए। झूठ बोलने से बचें, क्योंकि यह आपके प्रेम-संबंध को बिगाड़ सकता है। साझीदारी के लिए अच्छे मौक़े हैं, लेकिन भली-भांति सोचकर ही क़दम बढ़ाएँ। स्वास्थ्य में समस्या। श्री विष्णुसहस्त्रनाम का पाठ करें। गाय को केला खिलाएं।

10. मकर- आर्थिक नुकसान। परिवार के सदस्यों की सेहत से जुड़ी दिक़्क़तें आपको मानसिक परेशानी दे सकती हैं। किसीकी दख़लअंदाज़ी के चलते आपके और आपके प्रिय के रिश्ते में दूरियाँ आ सकती हैं। स्वास्थ्य में परेशानी। श्री सुंदरकांड का पाठ करें। तिल का दान करें।

11. कुंभ- आर्थिक लाभ। रहेंगे। कामकाज में आ रहे बदलावों के कारण आपको लाभ मिलेगा। अगर आप यात्रा कर रहें है तो सभी ज़रूरी दस्तावेज़ साथ रखना न भूलें। जीवनसाथी के साथ यह दिन और दिनों की अपेक्षा बेहतर गुज़रेगा।स्वास्थ्य में परेशानी। श्री हनुमान बाहुक का पाठ करें। तिल का दान करें।

12. मीन- शिक्षा तथा प्रतियोगिता में सफलता।क्योंकि इसका बुरा असर आपके स्वास्थ्य पर भी पड़ सकता है। रुका हुआ धन मिलेगा और आर्थिक हालात में सुधार आएगा। दोस्त शाम के लिए कोई बढ़िया योजना बनाकर आपका दिन ख़ुशनुमा कर देंगे। प्रेम हमेशा आत्मीय होता है और यही बात आप आज अनुभव करेंगे। कार्यालय में सबकुछ आपके पक्ष में जाता नज़र आ रहा है। स्वास्थ्य में परेशानी। श्री विष्णुसहस्त्रनाम का पाठ करें। गो माता को केला खिलाएं।

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